सतर्कता ही बचाव।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की कोविड-19 सिचुएशन रिपोर्ट-68 के अनुसार कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित देशों में चीन में अब तक इसके मरीजों की कुल संख्या 82230 तथा 3301 लोगों की मृत्यु हो चुकी हैं। हालांकि चीन में इसके प्रसार की गति में पूर्व की अपेक्षा कुछ हद तक कमी आई है। इटली में अभी तक कोरोना के मरीजों की संख्या 86498 है तथा 9136 लोग मृत्यु को प्राप्त हो चुके हैं। इटली में कोरोना के नये मरीजों तथा मृतकों की संख्या लगातार तेज़ी से बढ़ रही है, जिसका प्रमुख कारण समय पर सचेत न होना है। इटली की भाँति ही स्पेन में भी कोरोना के मरीजों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है। स्पेन में कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या 64059 हैं तथा 4858 लोगों की मृत्यु हो चुकी हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार अभी तक भारत में कोरोना से प्रभावित लोगों की संख्या 979, मृतकों की संख्या 25 तथा स्वस्थ हो चुके लोगों की संख्या 87 हैं।
दूसरे देशों में इस महामारी की भयावह त्रासदी को देखते हुए तथा चिकित्सा क्षेत्र के विशेषज्ञों से वार्ता करने के पश्चात भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने संपूर्ण भारत में तीन सप्ताह के लाॅकडाउन की घोषणा की है।
देश के सभी लोगों को इसमें सहयोग कर प्रधानमंत्री जी के आदेश का गंभीरता से पालन करना चाहिए। कुछ लोग अब भी स्थिति को सामान्य समझकर पूर्व की तरह ही सड़कों पर घूम रहे हैं, यह अनभिज्ञता एवं लापरवाही उनके स्वयं के जीवन के लिए तथा उनके संपर्क में आए सभी लोगों के जीवन के लिए भयानक साबित हो सकती है। इस प्रकार आत्महत्या करने एवं दूसरों के जीवन को खतरे में डालने से बचें। दुर्योधन की हठ और लापरवाही के कारण 18 दिन में कुरुक्षेत्र की संपूर्ण भूमि रक्त से लाल हो गयी और कौरवों का विनाश हो गया था। यदि इन 21 दिनों में लोगों ने सावधानी नहीं बरती तो संपूर्ण भारतवर्ष कोविड-19 रूपी महामारी के महाप्रलय का साक्षी बनेगा। सम्प्रति इस महामारी से स्वयं को तथा देश के सभी लोगों को सुरक्षित रखने का एकमात्र उपाय लाॅकडाउन ही है।
इस समय लोगों का प्रमुख दायित्व यही है कि घर में बंद रहकर स्वयं को सुरक्षित रखें तथा दूसरों के लिए भी खतरा उत्पन्न न करें। देश में अभी इस वायरस के प्रसार की गति धीमी अवश्य है, किंतु यदि लोगों ने लाॅकडाउन का सतर्कता से पालन नहीं किया तो यह किसी भी समय रफ़्तार पकड़ सकता है जिससे देश में कभी भी इटली जैसे हालात पैदा हो सकते हैं।
हमें कोरोना वायरस को हल्के में नहीं लेना चाहिए। केंद्र सरकार एवं राज्य सरकारें जिस क्रम से सख्ती से लगातार कदम उठा रही है, लोगों को उसी से अंदाजा लगा लेना चाहिए कि यह बहुत ही गंभीर महामारी है। जहाँ स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत से कई अधिक बेहतर स्थिति वाले देश भी इस महामारी के आगे लाचार दिखाई पड़ रहे हैं, वहाँ स्थिति बिगड़ने पर भारत किस प्रकार इसका सामना करेगा? यह गंभीर एवं चिंतनीय विषय है, जिसकी कल्पना मात्र से ही रूह काँप उठती है।
वर्तमान युवा पीढ़ी ने अपनी संपूर्ण आयु में शायद देश में इस प्रकार की स्थिति आज से पूर्व कभी नहीं देखी होगी। यह स्थिति अधिक भयावह न हो, इसके लिए देश के प्रत्येक नागरिक को सरकार के प्रत्येक आदेश का गंभीरता से पालन करना होगा। यह सिर्फ स्वयं की सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक के जीवन की रक्षा के लिए आवश्यक है।
डॉ. मनोज शर्मा 'मनुज'
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