Hello, I am Dr. Manoj Sharma. I love writing and reading. I always want to learn something new and aspire to do something different from others. I never like to copy anyone. I always try to invent my own.
Wednesday, September 30, 2020
Tuesday, September 29, 2020
Monday, September 28, 2020
Saturday, September 26, 2020
Friday, September 25, 2020
Thursday, September 24, 2020
Wednesday, September 23, 2020
Monday, September 21, 2020
Sunday, September 20, 2020
Friday, September 18, 2020
Thursday, September 17, 2020
Wednesday, September 16, 2020
Tuesday, September 15, 2020
Sunday, September 13, 2020
Saturday, September 12, 2020
Friday, September 11, 2020
Good Thought- पंचायत चुनाव में युवाओं की भूमिका
"पंचायत चुनाव में युवाओं की भूमिका"
गाँधी जी का सपना था कि देश का प्रत्येक गाँव स्वावलंबी बने। कोई भी गाँव अपने पड़ोसी गाँव या अन्य गाँव पर किसी संसाधन के लिए निर्भर न रहें। सभी गाँवों का सर्वांगीण विकास हो। किंतु आजादी के सात दशक बीत जाने के बाद भी हम गाँधी जी की संकल्पना को पूरा होते नहीं देख रहे हैं। हमें इस पर विचार-विमर्श करना चाहिए कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी हम वहाँ तक क्यों नहीं पहुँच पायें हैं जहाँ हमें होना चाहिए था?
देश के विकास का मार्ग गाँव से होकर ही निकलता है। जब तक प्रत्येक गाँव का विकास नहीं होगा, तब तक देश का विकास भी नहीं हो सकता और गाँव का विकास तब तक संभव नहीं है जब तक पंचायत चुनाव में बकरे, शराब और पैसे देकर वोट खरीदें जाएंगे। क्योंकि जिस उम्मीदवार ने पहले अपनी जेब से पैसा लगाया है वो उसे वसूल तो करेगा ही। भ्रष्टाचार का मूल कारण यही है, जो विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न करता है। इसमें जितना दोष नेताओं का हैं, उतना ही दोष जनता का भी है। क्यों लोग इस तात्कालिक लोभन के लिए 5 वर्ष के विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न करने में सहयोग करते हैं? क्या यह तात्कालिक निजी सुख और लोभन संपूर्ण गाँव के विकास से बढ़कर है? जब तक हम सबमें स्वार्थ से ऊपर उठकर सर्व कल्याण की भावना जागृत नहीं होगी, तब तक भ्रष्टाचार को और बल मिलता रहेगा। हम सबको इस विषय में आत्मचिंतन करने की आवश्यकता है।
इस कुप्रथा को बदलना अत्यावश्यक है और इसे बदलने की क्षमता आज की युवा पीढ़ी में है। यदि पंचायत के सभी गाँव के युवा एकत्रित होकर इस मुहिम से जुड़े, तो यह संभव है।
आज के सभी युवा इस प्राचीन कुप्रथा को समाप्त कर विकास चाहते हैं। किंतु जागरूकता और सही जानकारी के अभाव के कारण ऐसा नहीं हो पा रहा है। इसके लिए सबका एकत्रित होना जरूरी है। प्रत्येक पंचायत के हर गाँव के नवयुवक मण्डल (युथ क्लब) को इस संदर्भ में एक बैठक का आयोजन पहले अपने गाँव में करना चाहिए, तत्पश्चात एक पंचायत के सभी गाँवों के नवयुवक मण्डल की एक सामुहिक बैठक होनी चाहिए। जिसमें सभी गाँव के नवयुवक मण्डल के सदस्य अपने-अपने गाँव में इस कुप्रथा के खिलाफ लोगों को घर-घर जाकर जागरूक करने का दायित्व लें।
यदि प्रत्येक पंचायत में इस मुहिम को आरंभ किया जाए, तभी हम योग्य, शिक्षित और ईमानदार उम्मीदवार का चयन कर सकते हैं। जिससे प्रत्येक गाँव का विकास सुनिश्चित होगा। आगामी पंचायत चुनाव से पूर्व सभी गाँवों के युवाओं को सतर्क हो जाना चाहिए और मिलकर इस भ्रष्टाचार युक्त कुप्रथा को समाप्त करने के लिए आगे आना चाहिए। तभी प्रत्येक गाँव की उन्नति एवं भ्रष्टाचार मुक्त नव भारत का निर्माण होगा।
गाँधी जी का सपना था कि देश का प्रत्येक गाँव स्वावलंबी बने। कोई भी गाँव अपने पड़ोसी गाँव या अन्य गाँव पर किसी संसाधन के लिए निर्भर न रहें। सभी गाँवों का सर्वांगीण विकास हो। किंतु आजादी के सात दशक बीत जाने के बाद भी हम गाँधी जी की संकल्पना को पूरा होते नहीं देख रहे हैं। हमें इस पर विचार-विमर्श करना चाहिए कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी हम वहाँ तक क्यों नहीं पहुँच पायें हैं जहाँ हमें होना चाहिए था?
देश के विकास का मार्ग गाँव से होकर ही निकलता है। जब तक प्रत्येक गाँव का विकास नहीं होगा, तब तक देश का विकास भी नहीं हो सकता और गाँव का विकास तब तक संभव नहीं है जब तक पंचायत चुनाव में बकरे, शराब और पैसे देकर वोट खरीदें जाएंगे। क्योंकि जिस उम्मीदवार ने पहले अपनी जेब से पैसा लगाया है वो उसे वसूल तो करेगा ही। भ्रष्टाचार का मूल कारण यही है, जो विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न करता है। इसमें जितना दोष नेताओं का हैं, उतना ही दोष जनता का भी है। क्यों लोग इस तात्कालिक लोभन के लिए 5 वर्ष के विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न करने में सहयोग करते हैं? क्या यह तात्कालिक निजी सुख और लोभन संपूर्ण गाँव के विकास से बढ़कर है? जब तक हम सबमें स्वार्थ से ऊपर उठकर सर्व कल्याण की भावना जागृत नहीं होगी, तब तक भ्रष्टाचार को और बल मिलता रहेगा। हम सबको इस विषय में आत्मचिंतन करने की आवश्यकता है।
इस कुप्रथा को बदलना अत्यावश्यक है और इसे बदलने की क्षमता आज की युवा पीढ़ी में है। यदि पंचायत के सभी गाँव के युवा एकत्रित होकर इस मुहिम से जुड़े, तो यह संभव है।
आज के सभी युवा इस प्राचीन कुप्रथा को समाप्त कर विकास चाहते हैं। किंतु जागरूकता और सही जानकारी के अभाव के कारण ऐसा नहीं हो पा रहा है। इसके लिए सबका एकत्रित होना जरूरी है। प्रत्येक पंचायत के हर गाँव के नवयुवक मण्डल (युथ क्लब) को इस संदर्भ में एक बैठक का आयोजन पहले अपने गाँव में करना चाहिए, तत्पश्चात एक पंचायत के सभी गाँवों के नवयुवक मण्डल की एक सामुहिक बैठक होनी चाहिए। जिसमें सभी गाँव के नवयुवक मण्डल के सदस्य अपने-अपने गाँव में इस कुप्रथा के खिलाफ लोगों को घर-घर जाकर जागरूक करने का दायित्व लें।
यदि प्रत्येक पंचायत में इस मुहिम को आरंभ किया जाए, तभी हम योग्य, शिक्षित और ईमानदार उम्मीदवार का चयन कर सकते हैं। जिससे प्रत्येक गाँव का विकास सुनिश्चित होगा। आगामी पंचायत चुनाव से पूर्व सभी गाँवों के युवाओं को सतर्क हो जाना चाहिए और मिलकर इस भ्रष्टाचार युक्त कुप्रथा को समाप्त करने के लिए आगे आना चाहिए। तभी प्रत्येक गाँव की उन्नति एवं भ्रष्टाचार मुक्त नव भारत का निर्माण होगा।
जब तक देश का युवा सोता रहेगा,
हर जगह भ्रष्टाचार होता रहेगा।
जाग, यह अवसर है कुछ करने का,
आगे बढ़, यह वक्त नहीं किसी से डरने का।
डॉ. मनोज शर्मा 'मनुज'
हर जगह भ्रष्टाचार होता रहेगा।
जाग, यह अवसर है कुछ करने का,
आगे बढ़, यह वक्त नहीं किसी से डरने का।
डॉ. मनोज शर्मा 'मनुज'
Thursday, September 10, 2020
Wednesday, September 9, 2020
Monday, September 7, 2020
Sunday, September 6, 2020
Saturday, September 5, 2020
Tuesday, September 1, 2020
Subscribe to:
Posts (Atom)
Indian football history
क्या आप जानते हैं? (Indian football's History), Indian football Team won the gold medal in Asian Games 1962.... 1962 जकार्ता (इण्...
-
शिर्गुल/श्रीकुल महाराज की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि- 🙏ॐ शिर्गुलाय नमः🙏 यह सुलतानों के शासन काल की 13वीं सदी की बात है, उन दिनों दिल्ली ...
-
Sanskrit- एकता में बल होता है। ऐक्यं बलं समाजस्य तदभावे स दुर्बल:। एकता समाज का बल होता है, एकताहीन समाज दुर्बलता को प्राप्त होता है। ऐक्यं...