गाँधी जी का सपना था कि देश का प्रत्येक गाँव स्वावलंबी बने। कोई भी गाँव अपने पड़ोसी गाँव या अन्य गाँव पर किसी संसाधन के लिए निर्भर न रहें। सभी गाँवों का सर्वांगीण विकास हो। किंतु आजादी के सात दशक बीत जाने के बाद भी हम गाँधी जी की संकल्पना को पूरा होते नहीं देख रहे हैं। हमें इस पर विचार-विमर्श करना चाहिए कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी हम वहाँ तक क्यों नहीं पहुँच पायें हैं जहाँ हमें होना चाहिए था?
देश के विकास का मार्ग गाँव से होकर ही निकलता है। जब तक प्रत्येक गाँव का विकास नहीं होगा, तब तक देश का विकास भी नहीं हो सकता और गाँव का विकास तब तक संभव नहीं है जब तक पंचायत चुनाव में बकरे, शराब और पैसे देकर वोट खरीदें जाएंगे। क्योंकि जिस उम्मीदवार ने पहले अपनी जेब से पैसा लगाया है वो उसे वसूल तो करेगा ही। भ्रष्टाचार का मूल कारण यही है, जो विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न करता है। इसमें जितना दोष नेताओं का हैं, उतना ही दोष जनता का भी है। क्यों लोग इस तात्कालिक लोभन के लिए 5 वर्ष के विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न करने में सहयोग करते हैं? क्या यह तात्कालिक निजी सुख और लोभन संपूर्ण गाँव के विकास से बढ़कर है? जब तक हम सबमें स्वार्थ से ऊपर उठकर सर्व कल्याण की भावना जागृत नहीं होगी, तब तक भ्रष्टाचार को और बल मिलता रहेगा। हम सबको इस विषय में आत्मचिंतन करने की आवश्यकता है।
इस कुप्रथा को बदलना अत्यावश्यक है और इसे बदलने की क्षमता आज की युवा पीढ़ी में है। यदि पंचायत के सभी गाँव के युवा एकत्रित होकर इस मुहिम से जुड़े, तो यह संभव है।
आज के सभी युवा इस प्राचीन कुप्रथा को समाप्त कर विकास चाहते हैं। किंतु जागरूकता और सही जानकारी के अभाव के कारण ऐसा नहीं हो पा रहा है। इसके लिए सबका एकत्रित होना जरूरी है। प्रत्येक पंचायत के हर गाँव के नवयुवक मण्डल (युथ क्लब) को इस संदर्भ में एक बैठक का आयोजन पहले अपने गाँव में करना चाहिए, तत्पश्चात एक पंचायत के सभी गाँवों के नवयुवक मण्डल की एक सामुहिक बैठक होनी चाहिए। जिसमें सभी गाँव के नवयुवक मण्डल के सदस्य अपने-अपने गाँव में इस कुप्रथा के खिलाफ लोगों को घर-घर जाकर जागरूक करने का दायित्व लें।
यदि प्रत्येक पंचायत में इस मुहिम को आरंभ किया जाए, तभी हम योग्य, शिक्षित और ईमानदार उम्मीदवार का चयन कर सकते हैं। जिससे प्रत्येक गाँव का विकास सुनिश्चित होगा। आगामी पंचायत चुनाव से पूर्व सभी गाँवों के युवाओं को सतर्क हो जाना चाहिए और मिलकर इस भ्रष्टाचार युक्त कुप्रथा को समाप्त करने के लिए आगे आना चाहिए। तभी प्रत्येक गाँव की उन्नति एवं भ्रष्टाचार मुक्त नव भारत का निर्माण होगा।
जब तक देश का युवा सोता रहेगा,
हर जगह भ्रष्टाचार होता रहेगा।
जाग, यह अवसर है कुछ करने का,
आगे बढ़, यह वक्त नहीं किसी से डरने का।
डॉ. मनोज शर्मा 'मनुज'
हर जगह भ्रष्टाचार होता रहेगा।
जाग, यह अवसर है कुछ करने का,
आगे बढ़, यह वक्त नहीं किसी से डरने का।
डॉ. मनोज शर्मा 'मनुज'
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