Monday, May 25, 2020

COVID19

COVID19

कोरोना को है भगाना-

कोरोना ने सबको इस कद्र परेशान है किया,
अपनी तबाही से सबको हैरान है कर दिया।

कब तक कोरोना अपने कहर से सबको रुलाएगा,
कौन अब मुस्कान भरे वो दिन वापस लाएगा?

बंद कमरे से कब हमें वो आजादी मिलेगी,
कब हर मानव की जिंदगी फिर से खिल उठेगी?

कोरोना के इस दौर में ए इंसान, तू जीने की आस मत खोना,
डटकर सामना कर इसका, तू हारकर अब पीछे मत हटना।

ठान ली हो मन में जिसने, समुद्र पर भी सेतु है बनाया उसने,
साहस दिखाकर किया हो हर परिस्थिति का सामना जिसने, हराया है उसे किसने?

ऐसी परीक्षा की घड़ी है आती सबके जीवन में जरूर,
कर पालन सभी नियमों का, त्याग कर अपना गरूर।

कहते हैं बुजुर्ग हमारे, आजीवन कभी नहीं देखा हमने ऐसा दौर,
करो उपाय इसका ऐसा, फिर न आए ऐसी महामारी कोई और।

कुरुक्षेत्र की संपूर्ण रणभूमि घमंडी दुर्योधन के कारण हो गई थी रक्त से लाल,
यदि तू नहीं संभला अब भी हे मानव! तो नहीं बख्शेगा तुझे कोरोना रूपी काल।

अगर जीवन से हो प्यार और नहीं चाहते हो मरना,
तो सोशल डिस्टेंसिंग और लाॅकडाउन का पालन है करना।

अब 'मनुज' को ही देशहित में खड़े होकर जड़ से है इसे मिटाना,
सबकी रक्षा हेतु एकजुट होकर देश से कोरोना को है भगाना।

जय हिंद।

डॉ मनोज शर्मा 'मनुज'
शिमला 

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