Tuesday, June 2, 2020

BOYCOTT CHINA

BoycottChineseProducts- 

   आजकल स्वदेशी उत्पादों के प्रयोग पर हर जगह चर्चा हो रही है। खासकर चीन के उत्पादों के बहिष्कार की चर्चा अत्यधिक हो रही है। इसलिए मैं इसी विषय पर चर्चा आरंभ कर रहा हूँ।
चीनी उत्पादों के बहिष्कार के अनेक कारण हैं। जिनमें
Border's conflict- बाॅर्डर पर दोनों सेनाओं के बीच बढ़ता तनाव।
China's support to Pakistan- चीन का पाकिस्तान को हर बात पर समर्थन।
तथा सबसे बड़ा और प्रमुख कारण है दोनों देशों के बीच व्यापारिक असंतुलन। अर्थात जब दो देशों के मध्य आयात-निर्यात में अधिक अंतर हो तो उससे व्यापार में असंतुलन उत्पन्न होता है। भारत चीन से आयात अधिक करता है, जबकि इसके मुकाबले निर्यात काफी कम करता है। जिससे भारत को भारी व्यापारिक घाटा उठाना पड़ता है। 2018-19 में भारत ने चीन से आयात किया 70.3 बीलियन डाॅलर और निर्यात किया 16.7 बीलियन डाॅलर। भारत को व्यापारिक घाटा (Trade Deficit)- 53.6 बीलियन डाॅलर का हुआ। इस प्रकार भारत का चीन के साथ व्यापारिक घाटा काफी ज्यादा है।
मैंने बहुत से लोगों को अक्सर यह कहते सुना है कि जितना सरकार हम लोगों को चीन का सामान खरीदने के लिए मना करती है, उससे अच्छा सरकार उस देश से सामान खरीदना ही बंद कर दें तथा उस देश पर प्रतिबंध लगा दें। तो फिर लोग सामान लेगें ही कहाँ से? उनके कहने का तात्पर्य होता है कि सरकार आयात ही बंद कर दें। मैं ऐसे लोगों से कहना चाहता हूँ कि कोई भी देश किसी देश पर इस प्रकार से प्रतिबंध नहीं लगा सकता। दो देशों के बीच कुछ व्यापारिक समझौते तय होते हैं, जिन्हें किसी भी देश की सरकार आसानी से समाप्त नहीं कर सकती। केवल कुछ विशेष परिस्थितियों पर ही किसी देश पर व्यापारिक प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त विश्व व्यापार संगठन (WTO) द्वारा दो देशों के बीच व्यापार को लेकर कुछ नियम और शर्तें निर्धारित की जाती है। जिसका पालन करना विश्व व्यापार संगठन के सदस्य देशों के लिए अनिवार्य होता है। भारत और चीन दोनों ही विश्व व्यापार संगठन के सदस्य देशों में शामिल हैं। इसलिए दोनों देश इसके नियमों को मानने के लिए बाध्य हैं। इन्ही बाध्यताओं के कारण भारत चीन पर प्रतिबंध नहीं लगा सकता। किंतु देश के नागरिकों पर इस प्रकार की कोई बाध्यता नहीं होती। वे किसी भी कंपनी का उत्पाद खरीदने के लिए स्वतंत्र होते हैं।
कुछ लोग कहते हैं कि मेरे पास चीन की कंपनी का मोबाइल फोन है और मैं इसे अब नष्ट कर रहा हूँ या अब इसका प्रयोग नहीं करूंगा। हो सकता है कि वो लोग तुरंत दूसरा मोबाइल खरीदने में समर्थ हो। किंतु सभी लोग समर्थ नहीं होते।
इसलिए मैं यह नहीं कहूँगा कि आपके पास चीन या अन्य विदेशी कंपनी का जो भी सामान है, आप उसे नष्ट कर दो। बल्कि कहूँगा कि जब यह वस्तु आपके लिए उपयोगी न रहे तथा आप किसी नई वस्तु को खरीदने का विचार कर रहे हैं, तब आप कोशिश करें कि चीन अथवा अन्य किसी देश में निर्मित वस्तु नहीं खरीदनी है। अपने देश में निर्मित वस्तु को ही प्रमुखता दें। हो सकता है आपको अभी अच्छे विकल्प प्राप्त न हो, आपको कुछ परेशानियों का सामना भी करना पड़ें। किंतु जब विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार होगा, विकल्प भी तभी तैयार होंगे। मैंने भी कुछ चीजों का बहिष्कार किया है, मुझे भी कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन मैं भी इनका विकल्प ढूँढने में लगा हुआ हूँ।
    अब बात करते हैं सोफ्टवेयर की। चीन ने अनेकों मोबाइल एप्स का निर्माण किया है, जो भारत में काफी प्रचलित हैं। चीन अपने एप्स की मदद से अरबों रुपये कमाता है। इस आय से वह सीमा पर तैनात अपने सैनिकों के लिए गोला-बारूद इत्यादि सामान खरीदता है, जिससे उसकी सैन्य ताकत में बढ़ोतरी होती है। अर्थात हम लोग चीनी चीज़ो का इस्तेमाल कर उसकी सैन्य ताकत को मजबूत करने का कार्य कर रहे हैं और साथ ही चीन की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने का कार्य भी कर रहे हैं। जबकि हमारा कर्तव्य अपने देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है।
यदि अपने देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना चाहते हो तो स्वदेशी विकल्प की तलाश करें। कुछ विकल्प सम्प्रति उपलब्ध हैं तथा अन्य विकल्प भी कुछ समय पश्चात उपलब्ध हो जाएँगे। आप अपनी सुविधानुसार किसी भी विकल्प का प्रयोग कर सकते हैं।
डाॅक्टर्स, नर्सें, सफाई कर्मचारी, पुलिस विभाग इत्यादि सभी इस समय अपने-अपने स्तर पर तन, मन, धन से देश सेवा में दिन-रात तत्पर हैं। देश के प्रत्येक नागरिक को गिरती हुई देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए अपने स्तर पर हर प्रकार के योगदान के लिए इस समय आगे आना चाहिए। एक-एक नागरिक का योगदान देश को शीघ्र ही मजबूती प्रदान कर सकता है। देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना केवल सरकार का कार्य नहीं है, बल्कि यह देश के प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
आप सभी चीनी एप्स को अपने मोबाइल से हटा दीजिए तथा इसका विकल्प खोजें। आपको इसका विकल्प जरूर मिलेगा। जैसे कुछ स्वदेशी विकल्प है जो मैंने खोजें हैं-
Shareit- Jio Switch 5M + Download...
Tik Tok- Indi App &
Mitron App- developed by IIT Roorkee student shivank agarwal and his team,
5 Million + Download
इस प्रकार आप भी विकल्प ढूंढ सकते हैं।
जरूरी नहीं है कि आप सेना में भर्ती होकर सरहद पर जाकर ही देश सेवा कर सकते हैं। आप घर बैठे सरल तरीके से भी देश सेवा में भागीदार बन सकते हैं। आपको शायद ही इससे सरल कोई अन्य उपाय देश सेवा के लिए मिलें।
इस वीडियो को अधिक से अधिक शेयर करें, ताकि सभी लोग देश हित में आगे आयें।
मैं कुछ चीनी एप्स की सूची दे रहा हूँ। इन्हें शीघ्र हटा दें और देश सेवा में भागीदार बनने की शुरुआत करें।
अंत में मैं अपनी इन पंक्तियों के माध्यम से देशवासियों के नाम एक संदेश देकर अपने लेख को यहीं समाप्त कर रहा हूँ-
किसी ने पुत्र का बलिदान दिया,
किसी ने मांग का सिंदूर समर्पित किया।
मिला है अवसर तुझे भी देश सेवा का,
सोच तूने देश को क्या अर्पित किया।।
जय हिंद। जय भारत।

चीनी एप्स की सूची-
AliExpress
Applock
Baidu Map
Beauty Plus
Bigo
Cam Scanner
Castle Clash
Cheetah Mobile
Clash of Kings
Clean Master
Club Factory
CM Browser
DU Battery Saver
ES File Explorer
Flash keyboard
Hello Yo
Helo
Kwai
Last Empire
Like
Live chat
Live Me
LivU
Mafia City
Mi Store
Mobile Legends
NewsDog
Oppo Store
Parallel Space
PUBG Mobile
Sharechat
Shareit
Shein
TikTok
TurboVPN
UC Browser
UDictionary
Vigo
Vigo Video
Viva Video
Vivo Store
VMate status
Wish
Xender
Zoom

प्रार्थी
डॉ. मनोज शर्मा 'मनुज,


No comments:

Post a Comment

Indian football history

क्या आप जानते हैं? (Indian football's History), Indian football Team won the gold medal in Asian Games 1962....        1962 जकार्ता (इण्...