Tuesday, October 29, 2024

महाभारत, भीष्म पितामह

My Thought-  महाभारत, Mahabharat 

भीष्म पितामह-

भीष्म पितामह कुरू वंश एवं हस्तिनापुर नरेश शांतनु तथा उनकी प्रथम पत्नी माँ गंगा के पुत्र थे।
इनका नाम देवव्रत था। शांतनु ने अपने उत्तराधिकारी के रूप में देवव्रत को हस्तिनापुर के युवराज पद पर नियुक्त किया था।
      शांतनु अपनी प्रेमिका/प्रियसी सत्यवती के वियोग की पीड़ा से अत्यधिक दुःखी था। पिता शांतनु की इस पीड़ा को दूर करने के लिए देवव्रत ने हस्तिनापुर के राज सिंहासन का त्याग कर आजीवन ब्रह्मचर्य धारण करने एवं सदैव हस्तिनापुर का दास बनकर राज्य की रक्षा करने की भीष्म (भयंकर) प्रतिज्ञा ली। इसी भीष्म प्रतिज्ञा के कारण पिता शांतनु ने देवव्रत को भीष्म नाम दिया।
     पिता के लिए किये गये इस महान त्याग के कारण पिता शांतनु ने भीष्म को इच्छामृत्यु का वरदान दिया।

पितामह- पाण्डु एवं धृतराष्ट्र के पुत्रों के पितामह (दादा)होने के कारण पितामह कहलाए।
गंगापुत्र- गंगा के पुत्र होने के कारण।

भीष्म पितामह ज्ञानी तथा शूरवीर योद्धा थे। 23 दिन तक चले द्वंद्व युद्ध में भीष्म के गुरु परशुराम भी भीष्म को पराजित नहीं कर पाये थे।

......... @मनुज

No comments:

Post a Comment

Indian football history

क्या आप जानते हैं? (Indian football's History), Indian football Team won the gold medal in Asian Games 1962....        1962 जकार्ता (इण्...