Sunday, May 31, 2020

#BOYCOTTCHINA

#Boycottchineseproducts

चीन अपने एप्स की मदद से अरबों रुपये कमाता है। इस आय से वह सीमा पर तैनात अपने सैनिकों के लिए गोला-बारूद इत्यादि सामान खरीदता है, जिससे उसकी सैन्य ताकत में बढ़ोतरी होती है। अर्थात हम लोग चीनी चीज़ो का इस्तेमाल कर उसकी सैन्य ताकत को मजबूत करने का कार्य कर रहे हैं और चीन की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने का कार्य कर रहे हैं। जबकि हमारा कर्तव्य अपने देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है।
यदि अपने देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना चाहते हो तो स्वदेशी विकल्प की तलाश करें। कुछ विकल्प उपलब्ध हैं तथा अन्य विकल्प भी कुछ समय पश्चात उपलब्ध हो जाएँगे। आप अपनी सुविधानुसार किसी भी विकल्प का प्रयोग कर सकते हैं। 
   डाॅक्टर्स, नर्सें, पुलिस विभाग इत्यादि सभी इस समय अपने स्तर पर तन, मन, धन से देश सेवा में दिन-रात तत्पर हैं। देश के प्रत्येक नागरिक को गिरती हुई देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए अपने स्तर पर हर प्रकार के योगदान के लिए इस समय आगे आना चाहिए। एक-एक नागरिक का योगदान देश को शीघ्र ही मजबूती प्रदान कर सकता है। देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना केवल सरकार का कार्य नहीं है, बल्कि यह देश के प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।

   आप सभी चीनी Apps को अपने मोबाइल से Uninstall करें। जरूरी नहीं है कि आप सेना में भर्ती होकर बाॅर्डर पर जाकर ही देश सेवा कर सकते हैं। आप घर बैठे सरल रूप से भी देश सेवा में भागीदार बन सकते हैं। आपको शायद ही इससे सरल कोई अन्य उपाय देश सेवा के लिए मिलें।
     इस पोस्ट को अधिक से अधिक Share करें, ताकि सभी लोगों को Chinese Apps की जानकारी प्राप्त हो और अपने मोबाइल से इसे शीघ्र Uninstall करें। मैंने तो शुरुआत कर दी है, अब आप भी देश हित में अपना सहयोग करें।

Uninstall all these apps.....
Chinese Apps List -
AliExpress
Applock
Baidu Map
Beauty Plus
Bigo
Cam Scanner
Castle Clash
Cheetah Mobile
Clash of Kings
Clean Master
Club Factory
CM Browser
DU Battery Saver
ES File Explorer
Flash keyboard
Hello Yo
Helo
Kwai
Last Empire
Like
Live chat
Live Me
LivU
Mafia City
Mi Store
Mobile Legends
NewsDog
Oppo Store
Parallel Space
PUBG Mobile
Sharechat
Shareit
Shein
TikTok
TurboVPN
UC Browser
UDictionary
Vigo
Vigo Video
Viva Video
Vivo Store
VMate status
Wish
Xender
Zoom

Petitioner-
Dr. MANOJ SHARMA 'MANUJ'

Monday, May 25, 2020

COVID19

COVID19 

COVID19

COVID19

कोरोना को है भगाना-

कोरोना ने सबको इस कद्र परेशान है किया,
अपनी तबाही से सबको हैरान है कर दिया।

कब तक कोरोना अपने कहर से सबको रुलाएगा,
कौन अब मुस्कान भरे वो दिन वापस लाएगा?

बंद कमरे से कब हमें वो आजादी मिलेगी,
कब हर मानव की जिंदगी फिर से खिल उठेगी?

कोरोना के इस दौर में ए इंसान, तू जीने की आस मत खोना,
डटकर सामना कर इसका, तू हारकर अब पीछे मत हटना।

ठान ली हो मन में जिसने, समुद्र पर भी सेतु है बनाया उसने,
साहस दिखाकर किया हो हर परिस्थिति का सामना जिसने, हराया है उसे किसने?

ऐसी परीक्षा की घड़ी है आती सबके जीवन में जरूर,
कर पालन सभी नियमों का, त्याग कर अपना गरूर।

कहते हैं बुजुर्ग हमारे, आजीवन कभी नहीं देखा हमने ऐसा दौर,
करो उपाय इसका ऐसा, फिर न आए ऐसी महामारी कोई और।

कुरुक्षेत्र की संपूर्ण रणभूमि घमंडी दुर्योधन के कारण हो गई थी रक्त से लाल,
यदि तू नहीं संभला अब भी हे मानव! तो नहीं बख्शेगा तुझे कोरोना रूपी काल।

अगर जीवन से हो प्यार और नहीं चाहते हो मरना,
तो सोशल डिस्टेंसिंग और लाॅकडाउन का पालन है करना।

अब 'मनुज' को ही देशहित में खड़े होकर जड़ से है इसे मिटाना,
सबकी रक्षा हेतु एकजुट होकर देश से कोरोना को है भगाना।

जय हिंद।

डॉ मनोज शर्मा 'मनुज'
शिमला 

Wednesday, May 20, 2020

#COVID-19 "पहाड़ों का माहौल"

लाॅकडाउन की अवधि में पहाड़ों का माहौल-

पहाड़ों के जो गाँव आज तक वीरान नज़र आते थे वहाँ अब रौनक दिखाई देने लगी है। जब गाँव में कोई सामूहिक पर्व होता है तभी लोग गाँव में एकत्रित होते थे, किंतु आजकल लाॅकडाउन के कारण शहरों से सभी लोग गाँव की ओर पलायन कर रहे हैं। गाँव के माहौल को देखकर लगता ही नहीं कि देश में लाॅकडाउन स्थापित है तथा ये गाँव भी देश के अन्दर ही आते हैं। यहाँ लाॅकडाउन का पालन कराने के लिए किसी भी प्रकार की व्यवस्था दृष्टिगोचर नहीं होती है। कहीं-कहीं सेनेटाइजर और मास्क का वितरण कर औपचारिकता मात्र की जा रही है। ग्रामीणों की संख्या के लिहाज से इसका वितरण बहुत कम हो रहा है, जिसका कोई लाभ नहीं है। क्योंकि जब तक प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक कोरोना के प्रसार का खतरा बना रहेगा। शहरों में जिस गति से कोरोना का प्रसार बढ़ रहा है, उसे देखकर यही लगता है कि यह महामारी अब कभी भी गाँव में दस्तक दे सकती है। दूसरे राज्यों से मजदूरों और छात्रों का अपने घरों की ओर लौटने के कारण गाँव में कोरोना के संक्रमण का खतरा और अधिक बढ़ गया है। ये सभी गाँव में कोरोना वायरस के वाहक बन सकते हैं। यदि एक बार कोरोना ने गाँव में दस्तक दे दी तो यहाँ इसका प्रसार रोकना बहुत मुश्किल हो जाएगा, क्योंकि गाँव के लोगों में अब तक भी कोरोना को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई दे रही हैं।
गाँव में जहाँ एक ओर सभी बच्चे सामूहिक खेलों में मशगूल हैं तो दूसरी ओर महिलाएँ एवं बुजुर्ग एक स्थान पर एकत्रित होकर पूर्ववत बातों में मग्न रहते हैं। ऐसा नहीं है कि गाँव के लोग इस विश्वव्यापी महामारी से अनभिज्ञ हैं, किंतु बिना दण्डनीति के किसी भी आदेश का पालन सहजता से करवाना मुश्किल होता है। स्थानीय प्रशासन को इसकी ओर अवश्य ध्यान देना चाहिए। किंतु प्रशासन के जागने से पूर्व गाँव के लोगों का भी दायित्व है कि वे स्वयं ही कोरोना को लेकर सतर्क हो जाएँ। बाहरी राज्यों से गाँव में आये मजदूरों और छात्रों की सूचना स्थानीय प्रशासन को दें, जिससे समय पर उन सबको क्वारंटाइन किया जा सकें। स्थानीय लोगों को इन सभी से शारीरिक दूरी का पालन करना चाहिए तथा कोरोना के प्रसार में सहायक सभी तत्वों के प्रति सावधानी बरतनी चाहिए। इससे गाँव में कोविड-19 का प्रवेश रोका जा सकता है।
आजकल पहाड़ों में अंधविश्वास का प्रसार भी हो रहा है, जिसमें कोयले एवं हल्दी का तिलक लगाने से कोरोना वायरस से मुक्ति की बात भी अत्यधिक प्रचलित हो रही है। लोगों को सम्प्रति किसी भी अफवाह एवं अंधविश्वास की ओर ध्यान न देकर सरकार के सभी आदेशों का सम्यक्तया पालन करना चाहिए। इसी में सभी लोगों की सुरक्षा है।
दुर्योधन की हठ के कारण 18 दिन में कुरुक्षेत्र की संपूर्ण भूमि रक्त से लाल हो गई थी और कौरवों का विनाश हो गया था। यदि लाॅकडाउन की इस अवधि में लोगों ने सावधानी नहीं बरती तो संपूर्ण भारतवर्ष कोविड-19 रूपी महामारी के महाप्रलय का साक्षी बनेगा। इस महामारी से बचाव का जो एकमात्र उपाय लाॅकडाउन है, सम्प्रति उसका पालन करना ही देश के प्रत्येक नागरिक का प्रमुख कर्तव्य है तथा इसी में सबका हित निहित है।

डॉ. मनोज शर्मा 'मनुज'

Tuesday, May 19, 2020

Good thoughts of Dr. Manoj Sharma

Good thoughts of Dr. Manoj Sharma.

(जीवन के लिए अत्यधिक महत्त्वपूर्ण एवं उपयोगी सद्विचार।) 

Saturday, May 16, 2020

माँ

माँ ....

ए इंसान मत भूल, जो किये उपकार उसने तुझ पर,
खुद हमेशा गीले में सोकर, तुझे सुलाया है सूखे पर।

खुद भूखा रहकर तुझे सदा ही भरपेट है खिलाया,
पर क्या कभी उसने इस उपकार को याद दिलाया?

सदैव डालकर परदा वो अपने दुःखों पर,
नहीं आने देती आँच कभी संतान के सुखों पर।

ममता के आँचल में मिलता है वो सुख,
जिससे भूल जाता हूँ संसार के सब दुःख।

जिसके सिर से माता का साया है उठ जाता,
उसके सुखों का सूरज फिर है छिप जाता।

कुपुत्र हुए पैदा इस धरा पर अनेक,
हुई नहीं कुमाता कोई भी एक।

जिसने किया जीवन में माँ का अनादर
नहीं मिला उसे कभी समाज में आदर।

जब भी जीवन के महान उपकारों को याद 'मनुज' करेगा,
तेरे उपकार के बाद ही बाकी उपकारों को रखेगा।

जीवन के सभी ऋणों से बेशक हो जाऊँ मुक्त मैं,
पर माँ इतना नहीं सामर्थ्य मुझमें कि तेरे ऋण से हो पाऊँ कभी उऋण मैं।

डॉ. मनोज शर्मा 'मनुज'

Indian football history

क्या आप जानते हैं? (Indian football's History), Indian football Team won the gold medal in Asian Games 1962....        1962 जकार्ता (इण्...