Tuesday, June 9, 2026

Letter, Application to Minister

Letter/Application to Minister-

प्रतिष्ठा में 
             माननीय लोक निर्माण मन्त्री जी, 
             हिमाचल प्रदेश सरकार। 
विषय: सतौन से कोटगा तक बनी सड़क की मरम्मत एवं सुरक्षा के सम्बन्ध में। 
मान्यवर, 
             आपको विदित कराया जाता है कि सतौन से कोटगा तक बनी सड़क में अक्सर हादसें होते रहते हैं। इसका मुख्य कारण सड़क की जर्जर हालत, सड़क का संकीर्ण होना तथा सड़क में बाहरी सुरक्षा दीवार का न होना है। जब से इस सड़क को पक्का किया गया है, तब से एक बार भी इसकी मरम्मत नहीं हुई है। जिस कारण यह सड़क खस्ताहाल में है और इस मार्ग पर प्रतिदिन चलने वाले लोगों की जान को जोखिम बना हुआ है।
        अतः आपसे अनुरोध है कि इस सड़क की शीघ्रातिशीघ्र मरम्मत करवाई जाए और साथ ही इसमें बाहरी सुरक्षा दीवार भी लगाई जाए, ताकी इस सड़क में सफर करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित हो।
        आशा है कि आप हमारी समस्या को गंभीरता से लेंगे और इस पर त्वरित कार्रवाई करेंगे। 
         हम सभी क्षेत्रवासी एतदर्थ आपके सदैव कृतज्ञ रहेंगे।
                             सधन्यवाद।
                                                 सादर
                                      युवक मण्डल कोटगा
                             
दिनांक-
















































































Letter Application to Minister

Letter/Application -

प्रतिष्ठा में, 
      माननीय परिवहन मंत्री महोदय,
      हिमाचल प्रदेश, सरकार।
विषय- सतौन से कोटगा-काण्डो मार्ग पर हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम बस सेवा स्थापित करने के सन्दर्भ में।
मान्यवर,
     आपको अवगत कराया जाता है कि पोका पंचायत के अंतर्गत आने वाले सड़क मार्ग पर बस सुविधा न होने के कारण इस क्षेत्र की जनता को बहुत-सी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस मार्ग पर सम्प्रति जिन निजी परिवहन का संचालन हो रहा है, उनका कोई निश्चित समय नहीं है और इसके लिए लोगों को अधिक भुगतान भी करना पड़ता है। इसके साथ ही अतिभार होने के कारण इसमें यात्रा करने से निरन्तर जान का जोखिम बना रहता है।
     इस मार्ग पर बस सेवा स्थापित करने के सम्बन्ध में क्षेत्र के लोगों ने पूर्व में भी कई बार मांग उठाई है, किन्तु इसे हमेशा अनदेखा किया गया है। जिस कारण आजतक यह समस्या यथावत बनी हुई है। हमारे क्षेत्र के ज्यादातर युवा चण्डीगढ़ पढ़ते हैं और कार्यरत हैं।
    अतः महोदय से निवेदन है कि इस क्षेत्र के लोगों की समस्या को देखते हुए हमारी मांग चण्डीगढ़ से कोटगा-काण्डो तक बस सेवा को स्थापित कर पूरी करने की कृपा करें, ताकि दीर्घकाल से बनी हुई इस गंभीर समस्या से संपूर्ण क्षेत्रवासियों को शीघ्र निजात मिल सके।
     आशा है कि आप हमारी समस्या को गंभीरता से लेंगे और इस पर त्वरित कार्रवाई करेंगे।
     युवक मण्डल कोटगा एतदर्थ आपका कृतज्ञ रहेगा।
               धन्यवाद।
                     सादर
               युवक मण्डल कोटगा
दिनांक- 10.06.2026















































































Wednesday, November 19, 2025

Budi Diwali, बूढ़ी दिवाली, Diwali,

सभी को बूढ़ी दीवाली की हार्दिक शुभकामनाएँ💐💐

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बुलो आई गोयी बूढ़ी दीवाली ऐबे,

बेडोली, मुड़ा-शाकुली बणांदे सोबे।

आई गाई रे एबे बूढ़ी दीवाली।

आमारे खाणे गुलगुले-बेडोली।।

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💐बूढ़ी दीवाली💐

हमारी संस्कृति का एक पारंपरिक, महत्त्वपूर्ण और प्रसिद्ध त्योहार।

आज 19.11.2025 को हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के गिरीपार क्षेत्र में बूढ़ी दीवाली का पवित्र पर्व मनाया जा रहा है। सिरमौर के आतिरिक्त कुल्लू जिले के निरमंड और आनी, शिमला जिले के चौपाल तथा उत्तराखंड राज्य के जौनसार बावर में भी बूढ़ी दीवाली का पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। यह पर्व देश में मनाए जाने वाले दीपावली पर्व के एक माह बाद मनाया जाता है। इस पर्व में रात को गाँव के लोग मशाल जलाकर एक जगह एकत्र होते हैं और स्थानीय वाद्य यंत्रों के साथ पहाड़ी समूह नाटी एवं रासा नाटी लगाते हैं। कई स्थानों पर स्थानीय कलाकारों द्वारा लोगों के मनोरंजन हेतु सांस्कृतिक कार्यक्रम भी किये जाते हैं, जिनमें लोकनृत्य, पारंपरिक हारूल इत्यादि आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहते हैं।

इस पर्व में सिरमौर के गिरीपार क्षेत्र में बहुत से स्थानीय स्वादिष्ट व्यंजन बनाए जाते हैं जिनमें बेडोली, गुलगुले, असकली इत्यादि प्रसिद्ध हैं। इसके अतिरिक्त बूढ़ी दीवाली के लिए मुड़ा और शाकुली भी बनाए जाते हैं, जिसे लगभग सात-आठ माह तक खाया जाता है और घर पर आने वाले मेहमानों को भी खिलाया जाता है। ये मुड़ा और शाकुली ढिंटियों (विवाहित बेटियों) को ससुराल के लिए भी दिया जाता है। ढिंटिया इसके साथ मायके का स्नेह भी साथ लेकर जाती है।

दीवाली के ठीक एक माह बाद बूढ़ी दीवाली को मनाने का कारण- जब भगवान श्रीराम चौदह वर्ष का वनवास पूर्ण कर एवं लंका के राजा रावण र विजय प्राप्ति के पश्चात अयोध्या लौटे थे, तब गिरीपार व अन्य क्षेत्रों में रबी की फसल की बुवाई (अक्टूबर-नवंबर) का कार्य चला हुआ था। यहाँ के लोग श्रीराम की लंका विजय के उत्सव को केवल एक-दो दिन नहीं अपितु अधिक दिनों तक मनाना चाहते थे। इसलिए जब फसल बुवाई का कार्य संपन्न हुआ, तभी लगभग एक माह बाद यहाँ के लोगों ने श्रीराम द्वारा लंका विजय के उपलक्ष्य में एक महोत्सव का आयोजन किया, जो लगभग दस से पन्द्रह दिन तक चलता रहा। उस समय से लेकर आजतक यह परंपरा कायम है और आज भी दीवाली के ठीक एक माह बाद बूढ़ी दीवाली मनाई जाती है। हालांकि अब इस महोत्सव को मनाने के दिवस पहले से कम हो गये हैं, कहीं पर पाँच-छः दिन तो कहीं पर दो-तीन दिन तक बूढ़ी दीवाली के त्योहार का आयोजन होता है।

     बूढ़ी दीवाली का त्योहार आपसी सौहार्द, प्रेम, एकता और भाईचारे का पवित्र पर्व है। हमें अपनी इस परंपरा और संस्कृति पर गर्व होना चाहिए और इसे सुदृढ़ करने का प्रयास कर संजोए रखना चाहिए।

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Dr. MANOJ SHARMA "MANUJ"

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Tuesday, July 8, 2025

COVID-19

 Article , COVID-19 
सतर्कता ही बचाव।

विश्व स्वास्थ्य संगठन की कोविड-19 सिचुएशन रिपोर्ट-68 के अनुसार कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित देशों में चीन में अब तक इसके मरीजों की कुल संख्या 82230 तथा 3301 लोगों की मृत्यु हो चुकी हैं। हालांकि चीन में इसके प्रसार की गति में पूर्व की अपेक्षा कुछ हद तक कमी आई है। इटली में अभी तक कोरोना के मरीजों की संख्या 86498 है तथा 9136 लोग मृत्यु को प्राप्त हो चुके हैं। इटली में कोरोना के नये मरीजों तथा मृतकों की संख्या लगातार तेज़ी से बढ़ रही है, जिसका प्रमुख कारण समय पर सचेत न होना है। इटली की भाँति ही स्पेन में भी कोरोना के मरीजों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है। स्पेन में कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या 64059 हैं तथा 4858 लोगों की मृत्यु हो चुकी हैं।
     स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार अभी तक भारत में कोरोना से प्रभावित लोगों की संख्या 979, मृतकों की संख्या 25 तथा स्वस्थ हो चुके लोगों की संख्या 87 हैं। 
दूसरे देशों में इस महामारी की भयावह त्रासदी को देखते हुए तथा चिकित्सा क्षेत्र के विशेषज्ञों से वार्ता करने के पश्चात भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने संपूर्ण भारत में तीन सप्ताह के लाॅकडाउन की घोषणा की है। 
     देश के सभी लोगों को इसमें सहयोग कर प्रधानमंत्री जी के आदेश का गंभीरता से पालन करना चाहिए। कुछ लोग अब भी स्थिति को सामान्य समझकर पूर्व की तरह ही सड़कों पर घूम रहे हैं, यह अनभिज्ञता एवं लापरवाही उनके स्वयं के जीवन के लिए तथा उनके संपर्क में आए सभी लोगों के जीवन के लिए भयानक साबित हो सकती है। इस प्रकार आत्महत्या करने एवं दूसरों के जीवन को खतरे में डालने से बचें। दुर्योधन की हठ और लापरवाही के कारण 18 दिन में कुरुक्षेत्र की संपूर्ण भूमि रक्त से लाल हो गयी और कौरवों का विनाश हो गया था। यदि इन 21 दिनों में लोगों ने सावधानी नहीं बरती तो संपूर्ण भारतवर्ष कोविड-19 रूपी महामारी के महाप्रलय का साक्षी बनेगा। सम्प्रति इस महामारी से स्वयं को तथा देश के सभी लोगों को सुरक्षित रखने का एकमात्र उपाय लाॅकडाउन ही है।
     इस समय लोगों का प्रमुख दायित्व यही है कि घर में बंद रहकर स्वयं को सुरक्षित रखें तथा दूसरों के लिए भी खतरा उत्पन्न न करें। देश में अभी इस वायरस के प्रसार की गति धीमी अवश्य है, किंतु यदि लोगों ने लाॅकडाउन का सतर्कता से पालन नहीं किया तो यह किसी भी समय रफ़्तार पकड़ सकता है जिससे देश में कभी भी इटली जैसे हालात पैदा हो सकते हैं।
     हमें कोरोना वायरस को हल्के में नहीं लेना चाहिए। केंद्र सरकार एवं राज्य सरकारें जिस क्रम से सख्ती से लगातार कदम उठा रही है, लोगों को उसी से अंदाजा लगा लेना चाहिए कि यह बहुत ही गंभीर महामारी है। जहाँ स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत से कई अधिक बेहतर स्थिति वाले देश भी इस महामारी के आगे लाचार दिखाई पड़ रहे हैं, वहाँ स्थिति बिगड़ने पर भारत किस प्रकार इसका सामना करेगा? यह गंभीर एवं चिंतनीय विषय है, जिसकी कल्पना मात्र से ही रूह काँप उठती है।
     वर्तमान युवा पीढ़ी ने अपनी संपूर्ण आयु में शायद देश में इस प्रकार की स्थिति आज से पूर्व कभी नहीं देखी होगी। यह स्थिति अधिक भयावह न हो, इसके लिए देश के प्रत्येक नागरिक को सरकार के प्रत्येक आदेश का गंभीरता से पालन करना होगा। यह सिर्फ स्वयं की सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक के जीवन की रक्षा के लिए आवश्यक है।

डॉ. मनोज शर्मा 'मनुज' 
    










Promote People

Promote People 

     "जो पहले से संपन्न है उनको सपोर्ट करने से अच्छा है अपनी तरह के सामान्य लोगों को सपोर्ट कर सम्पन्न बनाना।"

       यदि कोई फिल्म अभिनेता या क्रिकेटर किसी उत्पाद का एड करें तो हम उसे खरीदते हैं, चाहे वो कितना ही महँगा क्यों न हो। करीना कपूर शैम्पू का एड करें तो उसे खरीद लेते हैं, विराट कोहली किसी फेस क्रीम का एड करें तो वही लगाने लगते हैं, शाहरुख खान किसी कोल्ड ड्रिंक का एड करें तो उसे ही पीने लगते हैं, सलमान खान चप्पल का एड करने लगे तो वही पहनने लगते हैं। अजय देवगन पान मसाला का एड करें तो उसे भी खाने लगते हैं। जैसे हमारा सबकुछ खाना,पीना,नहाना, पहनना इनके अनुसार ही चल रहा हो। हमसे ज्यादा ये लोग हमारे बारे में जानते हो और यही हमारी लाइफ़ चला रहे हैं। किंतु वास्तविकता ये है कि इनको हमारी लाइफ़ से कोई मतलब नहीं है। इनके द्वारा किये गये एड वाले उत्पादों से हमारे शरीर को चाहे कितना भी नुकसान पहुँचे, लेकिन इन्हें जहाँ ज्यादा पैसा मिलेगा उसका एड करते रहेंगे। हम विना सोचे-समझे, विना पता किये इन उत्पादों का प्रयोग करते हैं।
       इसके विपरीत यदि हमारा कोई अपना पड़ोसी, दोस्त, भाई, रिश्तेदार जो हमें अच्छे से जानता, पहचानता भी है और जिसे हमारी पसंद-नापसंद का भी पता है, वह कोई नया कार्य आरंभ करता है तो हम उसके बारे में पूरा पता करते हैं, उस पर रिसर्च करते हैं, उससे जलते हैं और उसे अनदेखा करके महत्त्व नहीं देते। हम किसी अपने पर भरोसा करने की बजाय उन पर भरोसा करते हैं जिन्हें हमारे बारे में कुछ भी पता नहीं। यदि हम अपनो को सपोर्ट कर उन्हें सम्पन्न बनाने में मदद करेंगे तो वही लोग कल को दुःख-बीमारी में हमारा सहयोग करेंगे। इन धनाढ्य अभिनेताओं और क्रिकेटरों के पास चाहे कितना भी धन हो जाये, पर ये तब हमारी मदद के लिए नहीं आएंगे।  
        हम अपने से नीचे या अपने बराबर वालों को आगे बढ़ने का अवसर नहीं देते, किंतु उन्हें जरूर सपोर्ट करते हैं जिनके पास किसी चीज़ की कमी नहीं है। हमारे पास अपनो को सपोर्ट करने के हज़ारों कारण होते हैं, फिर भी उन्हें सपोर्ट नहीं करते हैं, जबकि बड़े-बड़े सम्पन्न लोगों को सपोर्ट करने का एक भी सही कारण नहीं होता, पर फिर भी उन्हें सपोर्ट करते हैं।
      अपनी सोच और नजरिया बदलें। जो पहले से सम्पन्न है उनको सपोर्ट करने की वजह हमें अपने जैसे साधारण लोगों को सपोर्ट कर उन्हें आगे बढ़ने में मदद करनी चाहिए। हमारे अपने सम्पन्न होंगे तो आसपास के अपने लोगों को भी आगे बढ़ने के तरीके ज्ञात होंगे, बहुत से अपनों को रोजगार मिलेगा तथा हमारे पिछड़े क्षेत्र का विकास होगा। 
      इसलिए अपनो की उन्नति से जलिए मत, बल्कि आगे बढ़ने में उनका भरपूर सहयोग कीजिए। इससे उनके साथ-साथ हमारा भी कहीं न कहीं अवश्य भला होगा। 
        धन्यवाद!

डॉ. मनोज शर्मा 'मनुज'

Health Slogans

Health Slogans- Theme 
पोषण Slogans - स्वस्थ शरीर, स्वस्थ जीवन 

चाऊमिन मोमो आदि फास्ट फूड से रहो दूर।
फल-सब्जी का सेवन करो जरूर।।
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सुबह उठकर रोज करो व्यायाम और स्नान।
नहीं करेगा कोई रोग तुम्हें परेशान।।
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अगर पीते हो बीड़ी-सिगरेट-शराब।
तो नहीं देखना जीने का ख्वाब।।
ये खा जाते हैं अंदर से पूरा शरीर। 
जो अच्छे-खासे इंसान को भी बना देते है फकीर।।
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घर के आहार का ही करो सेवन।
इसी से मिलेगा दीर्घकालिक जीवन।।
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जो करता हमेशा संतुलित आहार। 
उसके जीवन में है रहती खुशियों की बहार।।
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स्वस्थ शरीर में होता स्वस्थ मन का वास,
फिर कभी नहीं आता कोई रोग पास।।
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डॉ. मनोज शर्मा 
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भोजन मंत्र- संस्कृत

भोजन मंत्र- Bhojan Mantra, संस्कृत 

ओ३म् अन्नपते अन्नस्य नो देह्यनमीवस्य शुष्मिणः |
प्र प्र दातारं तारिष ऊर्जं नो धेहि द्विपदे चतुष्पदे ||


शब्दार्थ :- हे {अन्नपते } अन्न के पति भगवन् ! {नः} हमे {अनमीवस्य }कीट आदि रहित{शुष्मिणः} बलकारक {अन्नस्य } अन्न के भण्डार{ देहि } दीजिये {प्रदातारं }अन्न का खूब दान देने वाले को {प्रतारिष } दु:खो से पार लगाईये{ नः} हमारे {द्विपदे चतुष्पदे} दोपायो और चौपायो को { ऊर्जं } बल {धेहि } दीजिये |


Indian football history

क्या आप जानते हैं? (Indian football's History), Indian football Team won the gold medal in Asian Games 1962....        1962 जकार्ता (इण्...